मंगलवार, 14 फ़रवरी 2023

Farmers Protest News:

 


Farmers Protest News: किसानों ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि अगर जल्द ही किसानों की सभी मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को तेज किया जाएगा.

Farmers Protest: देश की राजधानी दिल्ली के टिकरी बॉर्डर (Tikri Border) से किसानों ने एक बार फिर से हुंकार भरी है. किसानों ने शनिवार (10 दिसंबर) को टिकरी बॉर्डर से बड़ा एलान भी किया है. एमएसपी (MSP) लागू करने और संपूर्ण कर्ज माफी की मांग को लेकर किसान अब चंडीगढ़ (Chandigarh) कूच करेंगे. किसानों ने हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान चंडीगढ़ कूच करने का एलान किया है.


किसानों ने विधानसभा के घेराव की चेतावनी दी है. इतना ही नहीं किसानों का ये भी कहना है कि 24 तारीख को होने वाली संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में 26 जनवरी के दिन किसान बड़े स्तर का प्रदर्शन करने का एलान भी कर सकता है. दरअसल किसान पंजाब के हुसैनीवाला से शुरू हुई मशाल यात्रा लेकर शनिवार को हरियाणा के बहादुरगढ़ पहुंचे. ट्रैक्टर ट्रॉलियों, गाड़ियों और रेलगाड़ी के जरिए पंजाब और हरियाणा के विभिन्न स्थानों से किसान बहादुरगढ़ पहुंचे. 

किसानों की मशाल यात्रा


बहादुरगढ़ के पुराने बस स्टैंड से पैदल मार्च निकालकर मशाल यात्रा टिकरी बॉर्डर के उसी स्थान पर पहुंची जहां एक साल पहले किसानों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था.  टिकरी बॉर्डर पर किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया था, लेकिन किसानों ने पहले ही यह बता दिया था कि वह इस बार दिल्ली नहीं जा रहे. किसानों की मशाल यात्रा के कारण करीब 1 घंटे तक दिल्ली रोहतक नेशनल हाईवे जाम रहा. किसान सड़क पर ही बैठ गए और आंदोलन की आगे की रणनीति की घोषणा की गई. 


चंडीगढ़ में विधानसभा घेराव की चेतावनी दी


किसान नेता मनदीप नथवान ने कहा कि एमएसपी की मांग को लेकर अभी तो वे चंडीगढ़ में विधानसभा के घेराव की चेतावनी दे रहे हैं, लेकिन एमएसपी की मांग पूरी करवाने के लिए किसानों को अगर लाल किले तक जाना पड़ा तो भी किसान पीछे नहीं हटेंगे. एमएसपी उनका अधिकार है. जिसे वे लेकर ही रहेंगे. इतना ही नहीं किसान कर्ज के बोझ के नीचे दबता जा रहा है इसलिए सरकार से किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने की मांग भी की जा रही है.


किसान नेता विकास सीसर का कहना है कि किसानों ने 11 दिसंबर 2021 के दिन सरकार के साथ समझौता होने के बाद आंदोलन को स्थगित किया था, लेकिन सरकार ने अपना वादा नहीं निभाया. इसीलिए उन्हें यह मशाल यात्रा निकालनी पड़ी और इस मशाल यात्रा को ही किसान आंदोलन पार्ट 2 का आगाज समझा जा सकता है. 


आंदोलन को किया जाएगा तेज 


उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर जल्द ही किसानों की सभी मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को तेज किया जाएगा और दोबारा से किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे. किसानों की इस चेतावनी के बाद संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) आंदोलन को लेकर आगे क्या रणनीति बनाता है, यह देखने वाली बात होगी. इसके साथ ही केंद्र सरकार किसानों की मांगों की तरफ कितना ध्यान देती है यह भी आने वाला समय ही बताएगा. 

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Farmers Protest: जान गंवाने वालों का मुआवजा कैसे जारी होगा? दिल्ली पहुंचे किसानों ने पूछा सवाल, मांगी MSP की गारंटी

ABP LiveUpdated at: 09 Dec 2022 11:27 PM (IST)

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Farmers Protest in Delhi: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को भारतीय किसान कांग्रेस से जुड़े किसानों ने प्रोटेस्ट किया और एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग की.

Farmers Protest in Delhi: MSP की कानूनी गारंटी अभी तक नहीं मिलने से नाराज भारतीय किसान कांग्रेस से जुड़े कई किसान दिल्ली के जंतर मंतर पर इकट्ठा हुए. प्रदर्शन कर रहे किसानों ने MSP की कानूनी गारंटी समेत किसान आंदोलन में मारे गए किसानों के परिजनों के लिए मुआवजे की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर सहयोग नहीं करने और उनसे किए गए अपने वादों से मुकरने का आरोप लगाया. 


पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आए हजारों किसानों ने तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर लंबा विरोध किया था. बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले साल नवंबर के महीने में तीनों कानूनों को रद्द करने के ऐलान के बाद किसानों ने प्रोटेस्ट खत्म कर दिया था. 

किसान विरोधी है सरकार
सुरक्षा के बीच प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने किसानों से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रहने के लिए मोदी सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा, नरेंद्र मोदी सरकार "किसान विरोधी" है. सुरजेवाला ने कहा, यह विरोध जंतर-मंतर तक सीमित नहीं होना चाहिए. हमें इसे आगे बढ़ाना चाहिए और देश का पेट भरने वाले किसानों के अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए. पार्टी नेता अलका लांबा ने कहा, भले ही कांग्रेस चुनाव हार गई हो, लेकिन उसने लड़ने का साहस नहीं खोया है. मोदी सरकार एमएसपी कानून को लागू करने के वादे को पूरा करने में विफल रही है. 


केंद्र सरकार  नहीं कर रही है किसानों के मुद्दों का समाधान
AIKC के संयुक्त समन्वयक हरगोबिंद सिंह तिवारी ने कहा, केंद्र सरकार न तो किसानों के साथ सहयोग कर रही है और न ही उनके मुद्दों का समाधान कर रही है. कृषि विरोधी कानूनों के विरोध को समाप्त हुए एक साल से अधिक हो गया है, लेकिन किसानों को एमएसपी सुनिश्चित करने का सरकार का वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है. 


MSP को जल्द लागू करने की मांग
हरगोबिंद सिंह तिवारी बोले, अपने अधिकारों के लिए लड़ते हुए जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों के लिए तुरंत मुआवजा जारी करना चाहिए. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र के पास जान गंवाने वाले किसानों की लिस्ट तक नहीं है, ऐसे में सवाल है कि मुआवजा कैसे जारी होगा? इसके साथ ही उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) योजना को जल्द लागू करने की मांग भी की है. हरगोबिंद सिंह तिवारी ने कहा कि देश में अब भी किसानों के लिए एक उचित कानून नहीं है जो उन्हें सीधे लाभ पहुंचा सके.





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