सस्ती खेती! टिकाऊ खेती!! वैज्ञानिक खेती !!! सम्मानित किसान बहन- भाइयों,
नमस्कार !
हरियाणा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में और प्रदेश से बाहर भी खेती-बाड़ी की वैकल्पिक विधियों से काम किया जा रहा है। अलग अलग अनुभव भी प्राप्त हो रहे हैं। जन तकनीक की समझ से हम आगे बढे रहे हैं। अनेक संभावनाएं भी खोल दी हैं। नई - नई समस्याएं भी आई हैं, जो भविष्य में सीखने का आधार बन रही हैं।
*मुख्य मक़सद कृषि पर निर्भर जनसाधारण को आत्मनिर्भर बनाना और खेती-बाड़ी को सम्मान दिलाना है।
* पोषक तत्वों सहित खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से उत्पादन करना है।
*कृषि और पशु उत्पादों में मूल्यवर्धन (Value addition) करके कृषि क्षेत्र में अतिरिक्त रोज़गार सृजित करना है।
*जलवायु परिवर्तन के दौर में पर्यावरण संतुलन बनाए रखना और इसे टिकाऊ (वहनीय)(sustainable) बनाना भी मुख्य काम है।
अभी तक हमने जितने प्रयास किए हैं,उसके अनुभव सांझा करेंगे और इस समीक्षा के आधार पर अगले साल की योजना प्रस्तुत करेंगे।
इस कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक और रोचक बनाने के लिए आपकी भागीदारी जरूरी है।
इसलिए पहुंचिए २ फरवरी २०२३ (वीरवार ) को 10.00बजे जाट धर्मशाला हिसार। स्वागत है।
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