आज का दौर
अपने स्वभाव के हिस्साब से ही
साम्राज्यवादी आक्रामकता बढ़ी
उसने ठीक उन्ही भीमकाय से
वितीय खिलाडियों को जो इस
मंदी के संकट को पैदा करने के
सही सही जिम्मेदार हैं इनको
बड़ी रकमों के बेल आउट पैकेज
देने के माध्यम से संकट पे काबू
पाने की कशिश की है |
इसमें कोई शक नहीं है दोस्तों
इन कम्पनीयों को तो फिर से
जीवन हासिल करवा के मुनाफा
बटोरने का फिर मौका दे दिया
देशों की राज्य सरकारों पर कर्जों
का भारी बोझ लाद दिया गया है
कमाल की बात अबतो करदी यारो
नैगम कम्पनीयों के दीवालों को अब
संप्रभु शासनों के ही दीवालों में
तब्दील कर दिया गया है
जिसका असर योरोपीय संघ के
अनेक देशों पर पड़ा और
अमेरिका भी नहीं बच पाया
बचेंगे हम जैसे भी नहीं |
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