बुधवार, 18 अप्रैल 2012


आज का दौर 
अपने स्वभाव के हिस्साब से ही 
साम्राज्यवादी आक्रामकता बढ़ी
उसने ठीक उन्ही भीमकाय से 
वितीय  खिलाडियों को जो इस 
मंदी के संकट को पैदा करने के 
सही सही जिम्मेदार हैं इनको 
बड़ी रकमों के बेल आउट पैकेज 
देने के माध्यम से संकट पे काबू 
पाने की कशिश की है |
इसमें कोई शक नहीं है दोस्तों 
इन कम्पनीयों को तो फिर से 
जीवन हासिल करवा के मुनाफा 
बटोरने का फिर मौका दे दिया 
देशों की राज्य सरकारों पर कर्जों 
का भारी बोझ लाद दिया गया है 
कमाल की बात अबतो करदी यारो 
नैगम कम्पनीयों के दीवालों को अब 
संप्रभु शासनों के ही दीवालों में 
तब्दील  कर दिया गया है 
जिसका असर  योरोपीय संघ के 
अनेक देशों पर पड़ा और 
अमेरिका भी नहीं बच पाया 
बचेंगे हम जैसे भी नहीं |

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