शुक्रवार, 6 जुलाई 2018

FARMERS CRISIS

In India, Farmers Face a Terrifying Crisis

P Sainath 

रविवार, 1 जुलाई 2018

panipat

जिला पानीपत द्वारा राज्य कार्यकारिणी की बैठक ( दिनांक 2 -3 जून ) में रखी गयी रिपोर्ट को आधार बनाते हुए राज्य सचिव मंडल में चर्चा की गयी | निम्न बिन्दु उभर कर आये हैं ---
1.  पानीपत में ज्ञान विज्ञान आंदोलन के वर्तमान समय में मुख्य कार्यक्षेत्र महिला बचत समूह एवं महिला सशक्ति करण, अनौपचारिक तथा औपचारिक शिक्षा ( जीवन शाला व स्कूली शिक्षा में हस्तक्षेप ), पुस्तकालय तथा अन्य गतिविधियां हैं |
2. जिला कार्यकारिणी के सभी सदस्य किसी न किसी कार्य में जुड़े हुए रहते हैं |
3. समालखा सहित 4 स्थलों पर निरंतर कार्य है |
4.  अन्य 4  जगहों पर SHG हैं |
5.   अन्य 4. जगहों पर 1 --2 संपर्क हैं
6. अन्य 5 जगहों पर पुराणी पहचान के लोग हैं
7.  जिला टीम परियोजना आधारित तथा स्वयंसेवी कामों को साथ साथ कर रही है |
8 . जिला टीम सभी कार्यक्षेत्रों में विस्तार तथा संघठन की योजना बनाने में जुटी हुई है |
9. परियोजना आधारित कामों को भी सांगठनिक दिशा देने का प्रयास हो रहा है |
10. पानीपत के अन्य ब्लॉकों में भी संगठन की संभावना का संज्ञान लिया जा रहा है | 
                    सुझाव :
    रिपोर्ट से उभरे बिंदुओं का उल्लेख करते हुए निम्नलिखित सुझाव सचिव मंडल की ओर से प्रस्तुत हैं ----
1. विस्तार और संघटन साथ साथ किया जाये |
2. C.S.C. तथा स्कूलों में किये जा रहे हस्तक्षेप के जरिये लगभग 100  के करीब अध्यापक हमारे सम्पर्क में हैं इनके वैचारिक विकास की योजना बनाकर छुट्टियों में 3 --5 दिन की कार्यशाला की जाये जिसमें राज्य केंद्र के साथ मिलकर कार्यशाला का स्वरूप तय किया जाये |
3. जिला कार्यकारिणी तथा अन्य चिन्हित कार्यकर्ताओं की सांगठनिक -वैचारिक कार्यशाला आयोजित की जाये और उन्हें ठोस रूप में संथानिक काम दिए जाएँ |
4. बचत समूह के जरिये 650 महिलायें जुडी हैं |  सभी को हम आर्थिक गतिविधि नहीं दे पाएंगे और अगर दे भी देंगे तो भी जरूरी है कि इनके बीच महिला -मुद्दों पर गोष्ठियां हों |  तथा सप्ताह में एक दिन जन वाचन हो |  ठोस योजना बने और आंदोलन के भिन्न स्तर के कार्यकर्त्ता जाएँ |
       हालाँकि इन महिलाओं की आवाजाही महिला समिति के प्रोग्रामों में शुरू हुई है परन्तु वह फिर भी अलग बात है |  हमारे आंदोलन की कार्यवाही बहुत जरूरी है | इस काम के लिए जिला स्तर पर समता समूह का गठन भी किया जाना चाहिए |
 5. पुस्तकालयों का अनुभव साँझा करते हुए अन्य गाँवों में भी पुस्तकालय स्थापित करने के प्रयास किये जाएँ
6. गाँव स्तर के सभी कार्यकर्ताओं की क्षत्रीय कार्यशालाएं करके उन्हें भी ठोस कामों में उतारा जाये |  इससे नेतृत्व विकास भी होगा तथा ठोस काम भी बंटेगा | 
7. सभी चिन्हित गांवों में संगठन की इकाईयां गठित की जाएँ |
8. जीवन शाला में पढ़ने वाले छात्र --छात्राओं को राज्य केंद्र पर चलने वाले अनौपचारिक शिक्षा केंद्रों से जोड़ा जाये | इसमें गाँधी स्कूल , अभिनव स्कूल तथा सम्पूर्ण शिक्षा अभियान जैसे कार्यक्रमों के साथ मेल जॉल बन सकता है
9. SHG की महिलाओं के खेल आयोजन बारे भी विचार किया जा सकता है | 
10. समालखा की नाटक टीम को राज्य के नाट्य केंद्र के सम्पर्क में लाया जा सकता है |
11. NDRI के प्रशिक्षण के साथ साथ स्थानीय बाजार में सामान बेचने की संभावनाएं तलाश करनी चाहियें  और सांगठनिक तौर पर जिम्मेदारी लगाकर आंदोलन के सभी घरों तक सामान पहुँचाने की योजना बन सकती है |
12. हिमाचल से भिन्न वस्तुओं को बनाने का प्रशिक्षण भी करवाया जा सकता है |
13. इसके अलावा स्थानीय स्तर पर हल्दी तथा अन्य मशाले पीस कर पैकिंग के साथ घरों में सीढ़ी सप्लाई  तथा आंदोलन से जुड़े कुछ दुकानदारों से भी बात की जा सकती है |
14. इसके साथ ही इसराना ब्लॉक में भी समिति की इकाई गठित की जा सकती है | 
        ऊपर लिकहे सभी सुझावों  तथा कार्यों को अगले जिला सम्मलेन तक निभाने की योजना बने |  जिला कार्यकारिणी में कामों का बंटवारा , ठोस जिम्मेदारी तथा बार बार समीक्षाओं के साथ आगे बढ़ा जाये |
     इन सारे कार्यों में राजय सचिवमंडल की टीम हर तरह का  सहयोग करने के लिए तत्पर है और इसे अपने आंदोलन का राजय में विस्तार का ही कार्य समझती है |  शैक्षणिक , वित्तीय , सांगठनिक , वैचारिक , सामाजिक, वैयक्तिक रथा सांस्कृतिक आदान प्रदान के लिए राज्य केंद्र के साथ और सघन विमर्श तथा सामूहिक प्रयास किये जाएँ तो पानीपत के काम को सही दिशा में बढ़ाया जा सकता है |